राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, चढ़ावा विवाद से लेकर चंपत राय के इस्तीफे तक कई बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली अहम बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बुलाई गई इस बैठक में विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट, मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर हो सकता है फैसला

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार माना जा रहा है। यदि इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव और नए महासचिव की नियुक्ति को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।

एसआईटी और ऑडिट रिपोर्ट पर होगी समीक्षा

बैठक में चढ़ावा विवाद की जांच कर रही एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट और वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके साथ ही मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की भी संभावना है।

ट्रस्ट डीड में तय है इस्तीफे की पूरी प्रक्रिया

ट्रस्ट डीड के अनुसार, कोई भी ट्रस्टी एक महीने का पूर्व नोटिस देकर अपना इस्तीफा दे सकता है। वहीं यदि किसी ट्रस्टी पर ट्रस्ट के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगता है, तो बोर्ड ऑफ ट्रस्टी दो-तिहाई बहुमत से उसे पद से हटा सकता है। हालांकि ऐसा फैसला लेने से पहले संबंधित ट्रस्टी को कारण बताओ नोटिस देना, जवाब प्राप्त करना और सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा।

11 ट्रस्टियों के पास है मतदान का अधिकार

ट्रस्ट डीड के मुताबिक बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में 11 सदस्यों को मतदान का अधिकार प्राप्त है। इनमें संस्थापक ट्रस्टी के. परासरन, महंत नृत्यगोपाल दास, महंत दिनेन्द्र दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ, परमानंद जी महाराज, स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज, विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्रा, डॉ. अनिल मिश्रा, चंपत राय और कृष्ण मोहन शामिल हैं। वहीं केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, अयोध्या के जिलाधिकारी तथा मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ट्रस्ट से जुड़े हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है।

चढ़ावा विवाद में बढ़ी प्रशासनिक जवाबदेही पर बहस

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में अब तक चढ़ावे की गणना से जुड़े आठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और ट्रस्टियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आज की बैठक में इस मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है।

 

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